यह पोस्ट कक्षा 7 इकाई 27 आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को परीक्षा और अभ्यास दोनों के लिए सरल तरीके से समझाती है।
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence)
अभ्यास (प्रश्नोत्तर)
प्रश्न 1: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जनक किसे कहा जाता है?
i. जोसेफ वएजेनबाउं
ii. एलॉन मस्क
iii. जॉन मैककार्थी
iv. हर्बर्ट ए साइमन
उत्तर- iii. जॉन मैककार्थी
प्रश्न 2: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रकार नहीं है?
i. रिएक्टिव मशीन
ii. थ्योरी ऑफ़ माइंड
iii. लिमिटेड मेमोरी
iv. रेगुलेटर
उत्तर- iv. रेगुलेटर
प्रश्न 3: जिस प्रकार मनुष्य अपनी इंद्रियों से सीखता है, मशीनें किन चीजों का प्रयोग करके सीखती हैं—
जोड़े मिलाओ:

उत्तर-

प्रश्न 4: रिक्त स्थान भरें— (विकल्प: कल्पना / सोफिया / सीमित स्मृति / बातचीत)
i. टेस्ला (Tesla) कार उदाहरण है __________ AI का।
- उत्तर: सीमित स्मृति (Limited Memory)
ii. __________ जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उदाहरण है।
- उत्तर: सोफिया (Sophia)
iii. नैरो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों से __________ कर सकती है।
- उत्तर: बातचीत
iv. स्ट्रांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभी सिर्फ एक __________ है।
- उत्तर- कल्पना
प्रश्न 5. कथन पर सत्य / असत्य का निशान लगाएं—
i. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जनक एलॉन मस्क को कहा जाता है।
उत्तर: असत्य (जनक जॉन मैक्कार्थी हैं)
ii. माइक का प्रयोग मशीन सुनने के लिए करती है।
उत्तर: सत्य
iii. स्ट्रांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विकसित किया जा चुका है।
उत्तर: असत्य (यह अभी केवल एक कल्पना है)
iv. क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को 5 प्रकारों में विभाजित किया जाता है।
उत्तर: असत्य (सामान्यतः क्षमता के आधार पर 3 प्रकार – Narrow, General, Super AI – माने जाते हैं)
v. आई.बी.एम. का डीप-ब्लू रिएक्टिव मशीन AI का उदाहरण है।
उत्तर: सत्य
प्रश्न 6. मशीनों में सीखने की बुद्धिमत्ता किस प्रकार विकसित की जाती है?
उत्तर- मशीनों में सीखने की बुद्धिमत्ता (Intelligence) डेटा, एल्गोरिदम और मशीन लर्निंग के माध्यम से विकसित की जाती है। मशीनें मानव इंद्रियों के विकल्प के रूप में कैमरा (देखने), माइक (सुनने) और सेंसर (स्पर्श) जैसे यंत्रों का उपयोग करके जानकारी एकत्र करती हैं और उसे प्रोसेस करना सीखती हैं।
प्रश्न 7. क्षमता के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कितने प्रकार होते हैं, संक्षेप में लिखिए?
उत्तर: क्षमता के आधार पर AI मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
- नैरो एआई (Narrow AI): जो किसी एक विशेष कार्य में दक्ष होता है।
- जनरल एआई (General AI): जो इंसानों की तरह हर कार्य को समझने और करने की क्षमता रखता है।
- सुपर / स्ट्रॉंग एआई (Super/Strong AI): जो इंसानी बुद्धिमत्ता से भी कहीं अधिक शक्तिशाली होने की क्षमता रखता है।
प्रश्न 8. रिएक्टिव मशीन (Reactive Machine) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और थ्योरी ऑफ़ माइंड (Theory of mind) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में क्या अंतर है, उदाहरण सहित स्पष्ट करें?
उत्तर: रिएक्टिव मशीन: ये सबसे बुनियादी AI हैं जो पिछली यादों को स्टोर नहीं करते। ये केवल वर्तमान स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हैं। उदाहरण: आई.बी.एम. का डीप-ब्लू (Deep Blue) शतरंज कंप्यूटर।
थ्योरी ऑफ़ माइंड: यह AI का वह उन्नत स्तर है जो मनुष्यों की भावनाओं, विश्वासों और विचारों को समझने की क्षमता रखता है ताकि वह इंसानों के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सके। उदाहरण: सोफिया (Sophia) जैसे उन्नत रोबोट जो मानवीय व्यवहार समझने की कोशिश करते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – कक्षा 7 कंप्यूटर विज्ञान: संपूर्ण नोट्स
नमस्ते विद्यार्थियों! ICT Helpline में आपका स्वागत है। आज के इस विशेष लेख में, हम कंप्यूटर विज्ञान की सबसे रोमांचक तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यानी ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के बारे में जानेंगे। यह नोट्स आशुतोष सर के मार्गदर्शन में आपकी परीक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए तैयार किए गए हैं।
आशुतोष सर का स्पष्ट मिशन है कि हर जरूरतमंद शिक्षक और छात्र तकनीक से जुड़े, बिना डर के और बिना शुल्क के। इसी उद्देश्य से उन्होंने ICT Helpline की शुरुआत की, जो आज हजारों छात्रों और शिक्षकों के लिए भरोसेमंद डिजिटल मार्गदर्शक बन चुका है।
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🚀 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एक ऐतिहासिक सफर (1955 – 2022)
AI का विकास चरणों में हुआ है। आइए इमेज में दिए गए हर महत्वपूर्ण वर्ष को विस्तार से समझते हैं:
- वर्ष 1955: एलेन न्यूवेल और हर्बर्ट ए. साइमन ने दुनिया का पहला AI प्रोग्राम विकसित किया, जिसे ‘लॉजिक थ्योरिस्ट’ (Logic Theorist) नाम दिया गया।
- वर्ष 1956: जॉन मैकार्थी ने पहली बार ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शब्द का प्रयोग किया। इसीलिए उन्हें ‘AI का जनक’ कहा जाता है।
- वर्ष 1966: जोसेफ वेजेनबाम ने दुनिया का पहला चैटबॉट बनाया, जिसका नाम ‘एलिसा’ (ELIZA) रखा गया। इसी साल गणितीय समस्याओं को हल करने वाले एल्गोरिदम भी बनने लगे।
- वर्ष 1972: जापान ने दुनिया का पहला बुद्धिमान ह्युमनॉइड रोबोट (इंसान जैसा दिखने वाला रोबोट) बनाया, जिसे WABOT-1 नाम दिया गया।
- वर्ष 1980: AI के क्षेत्र में ‘MYCIN’ नाम का एक्सपर्ट सिस्टम आया। यह डॉक्टरों की तरह सोचकर मरीजों को सलाह देने में सक्षम था।
- वर्ष 1997: IBM Deep Blue नाम के कंप्यूटर ने विश्व शतरंज चैंपियन को हराकर इतिहास रच दिया। यह AI की बड़ी जीत थी।
- वर्ष 2002: पहली बार AI हमारे घरों में पहुँचा। ‘Roomba’ नाम का वैक्यूम क्लीनर आया, जो खुद घर की सफाई करने वाला पहला रोबोट था।
- वर्ष 2006: बिजनेस की दुनिया में AI की एंट्री हुई। Facebook, Twitter और Netflix जैसी कंपनियों ने यूजर्स की पसंद समझने के लिए AI का उपयोग शुरू किया।
- वर्ष 2011: AI तकनीक काफी आधुनिक हो गई। अब मशीनें पहेलियाँ सुलझाने और कठिन समस्याओं को जल्दी हल करने में सक्षम थीं।
- वर्ष 2012: गूगल ने ‘Google Now’ ऐप लॉन्च किया, जो यूजर की जरूरतों के हिसाब से भविष्य की संभावनाओं की जानकारी देने लगा।
- वर्ष 2014: चैटबॉट्स इतने विकसित हो गए कि वे लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान देने लगे।
- वर्ष 2020: बाइडू (Baidu) ने ‘LinearFold AI’ पेश किया। इस AI का उपयोग कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए किया गया, जिसने विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी मदद की।
- वर्ष 2022: ChatGPT के आने से एआई के क्षेत्र में क्रांति आ गई। अब AI निबंध लिखने, कोडिंग करने और कला बनाने जैसे काम आसानी से करने लगा।
मनुष्य और मशीन: सीखने की प्रक्रिया
जिस तरह हम अपनी इंद्रियों (Senses) से सीखते हैं, मशीनें भी सेंसर और डेटा की मदद से सीखती हैं।
| मानव इंद्रियां | मशीन के यंत्र | कार्य |
| आँख (देखना) | कैमरा | इमेज/वीडियो कैप्चर करना |
| कान (सुनना) | माइक/रिसीवर | ध्वनियों को पहचानना |
| मुँह (बोलना) | स्पीकर | आवाज़ निकालना |
| त्वचा (स्पर्श) | टच सेंसर | स्पर्श महसूस करना |
मशीन कैसे सीखती है?
स्वयं सुधार (Self-Correction): जैसे क्रिकेट में अनुभव से खिलाड़ी निर्णय लेता है, AI भी अपनी गलतियों से सीखकर बेहतर परिणाम देता है (जैसे YouTube पर आपकी पसंद के वीडियो दिखना)।
निर्देशों से सीखना: जैसे हम रेसिपी पढ़कर खाना बनाते हैं, मशीनें फीड किए गए डेटा से सीखती हैं।
तर्क (Reasoning): जैसे हम मोबाइल में फाइलों को फोल्डर के अनुसार अलग करते हैं, AI भी डेटा का वर्गीकरण करता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रकार
AI को मुख्यतः दो आधारों पर बांटा जा सकता है:
(A) क्षमता (Capability) के आधार पर:
- नैरो एआई (Narrow AI): यह किसी एक विशेष कार्य में माहिर होता है (जैसे एलेक्सा या गूगल मैप्स)।
- जनरल एआई (General AI): यह इंसानों की तरह हर काम करने में सक्षम होगा (अभी रिसर्च जारी है)।
- सुपर एआई (Super AI): यह इंसानों से भी अधिक बुद्धिमान होगा (यह भविष्य की कल्पना है)।
(B) कार्यक्षमता (Functionality) के आधार पर:
- रिएक्टिव मशीन (Reactive Machines): ये पुरानी यादें स्टोर नहीं करतीं, बस वर्तमान स्थिति पर काम करती हैं (जैसे IBM Deep Blue)।
- लिमिटेड मेमोरी (Limited Memory): ये कुछ समय के लिए पिछला डेटा याद रख सकती हैं (जैसे टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कार)।
- थ्योरी ऑफ माइंड (Theory of Mind): ये मशीनें इंसानी भावनाओं को समझ सकेंगी।
- सेल्फ अवेयरनेस (Self-Awareness): ऐसी मशीनें जिनमें खुद की चेतना और भावनाएं होंगी।
10 महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (FAQ)
प्रश्न 1: AI का फुल फॉर्म क्या है?
उत्तर: AI का फुल फॉर्म ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (Artificial Intelligence) है।
प्रश्न 2: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: जॉन मैकार्थी (John McCarthy) को AI का जनक माना जाता है।
प्रश्न 3: पहला चैटबॉट कौन सा था और इसे किसने बनाया?
उत्तर: पहला चैटबॉट ‘एलिसा’ (ELIZA) था, जिसे जोसेफ वेजेनबाम ने 1966 में बनाया था।
प्रश्न 4: नैरो एआई (Narrow AI) का एक उदाहरण दें?
उत्तर: गूगल असिस्टेंट या एप्पल की सिरी (Siri) नैरो एआई के उदाहरण हैं।
प्रश्न 5: क्या टेस्ला कार एआई का उदाहरण है?
उत्तर: हाँ, टेस्ला कार ‘लिमिटेड मेमोरी’ एआई तकनीक का उपयोग करती है।
प्रश्न 6: मशीनों में ‘आँख’ का काम कौन सा यंत्र करता है?
उत्तर: मशीनों में कैमरा ‘आँख’ की तरह काम करता है।
प्रश्न 7: क्या एआई स्वयं सुधार कर सकता है?
उत्तर: हाँ, ‘सेल्फ-करेक्शन’ प्रक्रिया के माध्यम से एआई अपनी गलतियों से सीख सकता है।
प्रश्न 8: भविष्य की एआई कौन सी है जो इंसानों से भी तेज होगी?
उत्तर: ‘आर्टिफिशियल सुपर इंटेलिजेंस’ (ASI) भविष्य की कल्पना है जो इंसानों से तेज होगी।
प्रश्न 9: सोफिया (Sophia) क्या है?
उत्तर: सोफिया एक ह्युमनॉइड रोबोट है जो इंसानी भावनाओं को समझ सकती है।
प्रश्न 10: हम एआई कहाँ पढ़ सकते हैं?
उत्तर: आप एआई और कंप्यूटर से जुड़ी जानकारियाँ icthelpline.in और ICT Helpline YT Channel पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।